निठारी हत्याकांड में SC सुनवाई को तैयार, सुरेन्द्र कोली की बरी करने के फैसले को दी गई है चुनौती
सुप्रीम कोर्ट में सुरेन्द्र कोली को बरी करने के इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और उत्तर प्रदेश सरकार ने चुनौती दी है.
सुप्रीम कोर्ट में सुरेन्द्र कोली को बरी करने के इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और उत्तर प्रदेश सरकार ने चुनौती दी है.
सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ बलात्कार के मामले को खारिज कर दिया, क्योंकि रिकॉर्ड पर रखे साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने पाया कि महिला ने अपनी इच्छा से आरोपी के साथ होटल गई थी.
2015 में सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग अधिनियम (NJAC Act, 2014) को अप्रत्यक्ष दबाव और विधायिका व कार्यपालिका का ज्यूडिशियरी के कार्यक्षेत्र में हस्तक्षेप मानते हुए इसेअसंवैधानिक घोषित कर दिया है. हालांकि, आइये जानते हैं कि NJAC Act में जजों की नियुक्ति को लेकर क्या प्रावाधान है...
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि यह स्वतंत्रता के बाद पहली बार है जब भारत के मुख्य न्यायाधीश ने सभी सामग्री सार्वजनिक रूप से साझा की है. सीजेआई के इस फैसले से ज्यूडिशियरी में जनता के विश्वास को बढ़ाने में मदद करेगा
कॉलेजियम ने दो बैठक करने के बाद जस्टिस वर्मा को वापस से इलाहाबाद हाई कोर्ट भेजने की सिफारिश केन्द्र से की है. जस्टिस यशवंत वर्मा के अधिकारिक आवास से कैश मिलने के बाद यह फैसला लिया गया है.
सुप्रीम कोर्ट के सामने याचिकाकर्ता ने दावा करते हुए कहा कि ध्वस्तीकरण एक 'बेतुकी शिकायत' के बाद किया गया, जिसमें आरोप लगाया गया कि उसके 14 वर्षीय बेटे ने 23 फरवरी को दुबई में भारत-पाकिस्तान के क्रिकेट मैच के दौरान एंटी-इंडिया नारा लगाया है.
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक में विधायकों, पब्लिक सर्वेंट और जजों के कथित हनीट्रैपिंग के मामले में स्वतंत्र जांच की मांग करने वाली PIL पर सुनवाई करने के लिए सहमति दी है.
PIL में सुप्रीम कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को विवादित बताकर उसे हटाने के आदेश देने का अनुरोध किया गया था. 17 मार्च के दिन इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा था कि इस केस में पीड़ित के ब्रेस्ट को पकड़ना,और पजामे के नाड़े को तोड़ने के आरोप के चलते ही आरोपी के खिलाफ रेप की कोशिश का मामला नहीं बन जाता.
दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मेरी ओर से अब तक की गई शुरुआती जांच में बंगले में रहने वाले लोगों, गार्डनर , CPWD से जुड़े लोगों के अलावा किसी और की इस रूम में एंट्री की संभावना नहीं बनती है.
सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा है जिसमे हाई कोर्ट ने इनके खिलाफ 2400 करोड़ की कथित धोखाधड़ी के मामले में SIT जांच का आदेश दिया था.
सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस यशंवत वर्मा के ट्रांसफर के प्रस्ताव को लेकर चल रही इन-हाउस जांच प्रक्रिया से कोई सम्बंध नहीं है. अब ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम हाई कोर्ट के जजों को उनके पद से हटा सकती है? या उनकी क्या भूमिका होती है, आइये जानते हैं...
अगर अनैतिक गतिविधि में पकड़े जाने पर जज अगर खुद इस्तीफा नहीं देते हैं, तो संसद उनके खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू कर सकती है. आइये जानते हैं महाभियोग की बारीकियों की, जिसके सहारे किसी जज को नौकरी से बर्खास्त किया जा सकता है?
सीजेआई ने जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ इन-हाउस जांच शुरू की है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपनाई गई इन-हाउस जांच प्रक्रिया के तहत, जज के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के तीन जज वाली कमेटी का गठन किया जाएगा.
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम को लिखे चिट्ठी में बार एसोसिएशन ने चिंता जताते हुए कहा है कि क्या इलाहाबाद हाई कोर्ट को भ्रष्ट न्यायाधीशों के लिए 'एक कूड़े का डिब्बा' माना जा रहा है.
दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के घर से भारी मात्रा में पैसे की बरामदी का मामला उठा है. इस घटना के सामने आने के बाद कॉलेजियम ने उनके इलाहाबाद हाई कोर्ट में ट्रांसफर की मांग की है. राज्यसभा में उनके खिलाफ महाभियोग को लेकर पत्र लिखा गया है. आइये जानते हैं कि जज को उनके पद से कैसे हटाया जा सकता है...
सूत्रों के मुताबिक गुरुवार को अचानक भेजी गई इस सिफारिश की वजह दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस वर्मा के आवास पर भारी मात्रा में कैश मिला था, जिसे फायर ब्रिगेड और पुलिस के कर्मचारियों ने पिछले दिनों उनके घर पर आग लगने की घटना के दौरान बरामद किया था.
सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में यह भी कहा कि पटना हाई कोर्ट को ट्रायल कोर्ट को चार्जशीट के आधार पर निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र रूप से फैसला लेने के लिए छोड़ देना चाहिए था.
तीनों मंदिरों के प्रबंधन समिति की ओर से पेश हुए वकील विष्णु शंकर जैन ने शीर्ष अदालत के सामने दावा किया कि DDA जो कार्रवाई करने वाला है, वो बुलडोजर कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है.