'विक्टिम को मुआवजा देने से कम नहीं होगी सजा', सुप्रीम कोर्ट ने समझाया कि दोनों अलग-अलग कैसे है
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अदालत के पास यह शक्ति है कि वे आरोपी को सजा देने के साथ जुर्माना भी लगा सकती है, इसे मुआवजा देने से जोड़कर नहीं देखना चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अदालत के पास यह शक्ति है कि वे आरोपी को सजा देने के साथ जुर्माना भी लगा सकती है, इसे मुआवजा देने से जोड़कर नहीं देखना चाहिए.
पश्चिम बंगाल पुलिस ने राज्य के गवर्नर सीवी आनंद बोस के खिलाफ शिकायत दर्ज की है. बंगाल के गवर्नर सीवी आनंद बोस के खिलाफ राजभवन की एक महिला कर्मचारी ने यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए है.
पश्चिम बंगाल पुलिस ने राज्य के गवर्नर सीवी आनंद बोस के खिलाफ शिकायत दर्ज की है. बंगाल के गवर्नर पर यौन शोषण का आरोप लगा है. राजभवन की एक महिला कर्मचारी ने गवर्नर पर यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है. आइये जानते है कि पुलिस पदासीन राज्यपाल के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है या नहीं..
सुप्रीम कोर्ट ने बताया है कि चार्जशीट (Chargesheet) कैसे भरी जाए, उसे पूरा करते समय किन-किन बातों का ध्यान रखा जाए.
महिला के साथ दुर्व्यवहार करने के मामले में व्यक्ति की FIR रद्द करने की मांग को Delhi High Court ने अनोखी शर्त रखी है. शर्त के अनुसार, व्यक्ति को तीस दिनों के लिए ट्रैफिक पुलिस की मदद करनी होगी.
हाल ही में बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक पोस्टमास्टर को सजा से बरी करते हुए पुलिस, ट्रायल जज एवं सेशन जज द्वारा सुनवाई में बरती गई अनदेखी पर फटकार लगाई है. साथ ही इस केस को महाराष्ट्र ज्युडिशियल एकेडमी में ट्रेनिंग ले रहे जजों को पढ़ाने के निर्देश दिए हैं.
पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर में जांच करने गई NIA की टीम पर 6 अप्रैल को हमला हुआ था. अब पूर्वी मेदिनीपुर पुलिस ने 6 अप्रैल की रात भूपतिनगर पुलिस स्टेशन में NIA के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
महात्मा गांधी ने कहा था, अपराध से घृणा करों, अपराधी से नहीं. भारतीय न्यायिक प्रणाली भी इसी बात से सहमत हैं. संविधान के अनुच्छेद 21 में दिए जीवन की सुरक्षा और व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित करती है. जेल में रहने के दौरान कैदियों के पास कुछ अधिकार भी है. आइये जानते हैं कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति के क्या अधिकार हैं....
गिरफ्तारी से संबंधित कई प्रावधान दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की कई धाराओं में किया गया है. उन्हीं में से हैं धारा 41 और 41A, जिसके तहत गिरफ्तारी के समय क्या करना चाहिए, इसके कुछ नियम बताए गए है. आइये जानते विस्तार से जानते हैं...
पुलिस ने एल्विश यादव के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20, 27, 27ए और धारा 30 के तहत मामला दर्ज किया है. आइये जानते हैं कि मामले में क्या हुआ है...
पुलिस हिरासत में व्यक्ति को थाने में रखा जाता है तो वहीं न्यायिक हिरासत के समय व्यक्ति को जेल में रखा जाता है.पुलिस कस्टडी में संबंधित व्यक्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की होती है. तो वहीं ज्यूडिशियल कस्टडी ( न्यायिक हिरासत ) में व्यक्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी न्यायाधीश की होती है.
मंगलवार (12 मार्च, 2024) के दिन सुप्रीम कोर्ट ने देश भर के पुलिस को हिदायत दी है. पुलिस विभाग को चार्जशीट बनाते समय सीआरपीसी 173(2) के अनुसार बनाने के आदेश दिए है.
मंगलवार (12 मार्च, 2024) के दिन सुप्रीम कोर्ट ने देश भर के पुलिस को हिदायत दी है. पुलिस विभाग को चार्जशीट बनाते समय सीआरपीसी 173(2) के अनुसार बनाने के आदेश दिए है.
आमतौर पर F.I.R. होने को ही लोग आरोप मान लेते हैं. लेकिन क्रमिनल प्रोसीजर कोड(CrPC) के अनुसार कोर्ट ही आरोपों को तय करती है.Framing of Charges का हिंदी में अर्थ आरोप को तय करना होता है. आरोप तय करने का अर्थ किसी विशिष्ट आरोप को तय करना होता है.
सुप्रीम कोर्ट ने कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े मामले में पुलिस को पैसे वसूलने जैसे कार्य करने से मना किया. जानिए क्या है पूरा मामला…
राजस्थान हाईकोर्ट ने राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा को सेलिब्रेट करने के दौरान सड़क जान करने की घटना पर स्वत: संज्ञान में लिया. साथ ही आगे से हाईकोर्ट की ओर आनेवाली सड़को पर जाम नहीं लगे, जिला प्रशासन को इसका ध्यान रखने के दिशानिर्देश दिए.
सुप्रीम कोर्ट ने बिल्किस बानो केस के दोषियों को गुजरात सरकार द्वार मिली रिहाई को रद्द करके, उन्हें दो सप्ताह के अंदर सरेंडर करने को कहा था. अब, तीन दोषियों ने सरेंडर अवधि को दो सप्ताह से अधिक बढ़ाने की मांग की है.
UP के बागपत में एक युवक पर लगभग 12 वर्ष पहले एक पुलिसकर्मी की हत्या का आरोप लगा था, जिसके लिए युवक को 2 साल जेल में बिताना पड़ा, लेकिन Bail पर बाहर आने के बाद उसने खुद को निर्दोष साबित करने के लिए Law की पढ़ाई की और खुद का केस लड़कर अपने आप को बेगुनाह साबित किया.
न्यायमूर्ति मंथा की पीठ को हाल ही में राज्य पुलिस के खिलाफ एसआईटी के साथ सहयोग नहीं करने की शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद जस्टिस मंथा ने कड़ी आपत्ति जताते हुए गुरुवार को गृह विभाग से सात दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी.
4.45 लाख रुपये का फ्रॉड करने वाले साइबर क्रिमिनल्स में से आरोपी की अदालत में पेशी हुई। जानें क्या था पूरा मामला
लॉरेंस बिश्नोई को साकेत कोर्ट ने दस दिन के लिए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दिया है। दिल्ली की अदालत ने गैंगस्टर के लिए ये आदेश दिया है
पिछले साल 10 जून को पैगंबर मोहम्मद के बारे में भाजपा के दो निलंबित प्रवक्ताओं द्वारा की गई तथाकथित टिप्पणियों को लेकर पिछले साल रांची में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों में दो लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसमे कई सुरक्षाकर्मी भी शामिल थे.
उत्तर प्रदेश पुलिस ने आरोपीयों के विवरण और तस्वीरें सभी हवाई अड्डों और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर भेज दिया है.
राज्य सरकार ने हाई कोर्ट के वेकेशन बेंच द्वारा पारित स्थगन आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और तर्क दिया कि बेंच सुनवाई के लिए जनहित याचिका नहीं ले सकती है.
अदालत ने पहले पुलिस को स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था. लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने अदालत को बताया, ‘‘मामले की गंभीरता को देखते हुए हमने एक एसआईटी का गठन किया है. एसआईटी मामले की जांच करेगी.’’
संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 को “स्वर्ण त्रिभुज” कहा जाता है. संविधान का दिया गया यह अधिकार बहुत महत्वपूर्ण है. अगर किसी व्यक्ति के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन होता है तो वह न्यायालय में कार्यवाही शुरू करवा सकता है.
हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को आदेश दिए है कि वह मृतको के परिजनों और पीड़ितो को दो माह के भीतर मुआवज दे.
Delhi Police को नोटिस जारी करते हुए additional chief metropolitan magistrate (ACMM) Harjeet Singh Jaspal ने जांच की स्थिति तबल करते हुए मामले में अगली सुनवाई दो दिन बाद यानी शुक्रवार 12 मई को तय की है.
जस्टिस कौशल जयेंद्र ठाकर और जस्टिस शिव शंकर प्रसाद की खंडपीठ ने उत्तरप्रदेश के डीजीपी को आदेश दिए है कि वह अंसारी को एक जेल से दूसरे जेल में स्थानांतरित करने और जेल से किसी भी अदालत में पेश करने के दौरान उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करें.
दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट के फैसले का विरोध करते अपनी दलील में कहा कि दंगों में 53 लोग मारे गए और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे. पुलिस ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा फैसले में की गयी व्याख्या आतंकी मामलों में अभियोजन को कमजोर करेगी.
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को अतीक अहमद और उसके भाई की पुलिस हिरासत में मेडिकल जांच के दौरान हुई हत्या के मामले में उठाए गए कदमों और जांच को रिकॉर्ड में लाने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सुरक्षा में चूक के संबंध में राज्य सरकार से सवालों की झड़ी लगा दी।
उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को पहलवानों को खतरे का आकलन करने और उनमें से एक पहलवान को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश भी दिया.
तमिलनाडु सरकार की ओर से अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि मनीष कश्यप ने फर्जी वीडियो बनाकर दावा किया कि तमिलनाडु में बिहार के प्रवासी मजदूरों पर हमले हो रहे हैं. सिब्बल ने कहा कि मनीष कश्यप के 60 लाख फॉलोवर्स हैं, वह एक राजनेता हैं और उसने चुनाव लड़ा है.
दिल्ली दंगो के आरोपी आसिफ इकबाल तन्हा ने Delhi High Court में याचिका दायर कर केस से जुड़ी "संवेदनशील" और "गोपनीय" जानकारी जो कि दिल्ली पुलिस द्वारा लीक की गयी को हटाने के लिए मीडिया को निर्देश देने की मांग की गई है.
NHRC ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक, प्रयागराज पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी किया है. आयोग ने पुलिस से इस मामले में चार सप्ताह में रिपोर्ट पेश करने के भी आदेश दिए है.
अतीक अहमद और अशरफ हत्याकांड में तीनों शूटरों को सुबह 10 बजे SIT की टीम प्रतापगढ़ से प्रयागराज लेकर पहुंची थी . तीनों शूटरों को प्रयागराज की सीजीएम कोर्ट में पेश किया गया.