मैरिज सर्टिफिकेट नहीं होने से विवाह अवैध नहीं होता... इलाहाबाद हाई कोर्ट ने निचली अदालत का फैसला रद्द किया
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि विवाह प्रमाण पत्र केवल विवाह का साक्ष्य है, इसकी अनुपलब्धता से विवाह अवैध नहीं होता. अदालत ने आज़मगढ़ की परिवार अदालत का आदेश रद्द कर दिया और स्पष्ट किया कि पंजीकरण वैकल्पिक है, अनिवार्य नहीं.