पुलिस के साथ गलती से भी न करें हाथापाई वरना...
पुलिस अधिकारी पर हाथ उठाना या उनके साथ मारपीट करना का गलत है और भारतीय कानून में ऐसा करने वाले लोगों के खिलाफ क्या सजा तय की गई है, जानें
पुलिस अधिकारी पर हाथ उठाना या उनके साथ मारपीट करना का गलत है और भारतीय कानून में ऐसा करने वाले लोगों के खिलाफ क्या सजा तय की गई है, जानें
पृथ्वी शॉ पर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सपना गिल ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। जांच के बाद पुलिस ने अदालत को बताया है कि क्रिकेटर पर लगाए गए आरोप झूठे हैं...
नोएडा का एक मामला है जिसमें एक कैदी की हिरासत में ही मौत हो गई। जहां पुलिस ने इसे सुसाइड का नाम दिया, अदालत को ऐसा लगता है कि इसमें पुलिस का ही हाथ था। आईपीसी की धारा 304 के तहत दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को गंभीर सजा सुनाई है
हर मामले में हमारी मदद करने वाले पुलिस अधिकारी को यदि कोई मारता है या हाथ उठाता है तो उसका क्या नतीजा होता है? जानें कानून की किन धाराओं में इस बारे में लिखा है और उनके तहत इसकी क्या सजा तय की गई है
पिछले कई महीनों से देश की तमाम महिला रेस्लर्स प्रदर्शन कर रही हैं क्योंकि उन्होंने डब्ल्यूएफआई (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया है। इसमें लेटेस्ट अपडेट क्या आया है, आइए जानते हैं
कोलकाता में रथ यात्रा को पुलिस ने प्रतिबंधित किया जिसपर कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पुलिस की आलोचना करते हुए इसे 'निहायती अनुचित' बताया है...
न्यायमूर्ति मंथा की पीठ को हाल ही में राज्य पुलिस के खिलाफ एसआईटी के साथ सहयोग नहीं करने की शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद जस्टिस मंथा ने कड़ी आपत्ति जताते हुए गुरुवार को गृह विभाग से सात दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी.
एफआईआर में पीड़िता की और से विस्तृत जानकारी देते हुए कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं. जानिए क्या है FIR में
हाल ही में हुए एक बड़े साइबर क्राइम के मामले में अपराधी को यमुनानगर जिला कोर्ट को पेश किया गया जहां उसे पुलिस रिमांड में भेजने का आदेश दिया गया।
4.45 लाख रुपये का फ्रॉड करने वाले साइबर क्रिमिनल्स में से आरोपी की अदालत में पेशी हुई। जानें क्या था पूरा मामला
लॉरेंस बिश्नोई को साकेत कोर्ट ने दस दिन के लिए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दिया है। दिल्ली की अदालत ने गैंगस्टर के लिए ये आदेश दिया है
राजधानी में रहने वालों को अब ध्यान रखना होगा की यदि उन्होंने 60 दिन के अंदर चालान नहीं भरा तो मामला स्थानीय कोर्ट में नहीं जाएगा बल्कि यह फरीदाबाद के स्पेशल कोर्ट में चला जाएगा
पिछले साल 10 जून को पैगंबर मोहम्मद के बारे में भाजपा के दो निलंबित प्रवक्ताओं द्वारा की गई तथाकथित टिप्पणियों को लेकर पिछले साल रांची में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों में दो लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसमे कई सुरक्षाकर्मी भी शामिल थे.
उत्तर प्रदेश पुलिस ने आरोपीयों के विवरण और तस्वीरें सभी हवाई अड्डों और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर भेज दिया है.
राज्य सरकार ने हाई कोर्ट के वेकेशन बेंच द्वारा पारित स्थगन आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और तर्क दिया कि बेंच सुनवाई के लिए जनहित याचिका नहीं ले सकती है.
अदालत ने पहले पुलिस को स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था. लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने अदालत को बताया, ‘‘मामले की गंभीरता को देखते हुए हमने एक एसआईटी का गठन किया है. एसआईटी मामले की जांच करेगी.’’
पुलिस समाज की रक्षा के लिए है लेकिन अक्सर ऐसे मामले सामने आते हैं जिसमें पुलिस अपनी शक्तियों का गलत फायदा उठा कर आम लोगों को परेशान करते हुए पायी जाती है.
संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 को “स्वर्ण त्रिभुज” कहा जाता है. संविधान का दिया गया यह अधिकार बहुत महत्वपूर्ण है. अगर किसी व्यक्ति के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन होता है तो वह न्यायालय में कार्यवाही शुरू करवा सकता है.
8 साल की मासूम बच्ची से रेप और हत्या के मामले में दोषी की मौत की सजा को बदलकर उम्रकैद करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने कई टिप्पणियां की थी. इस मामले में राजस्थान पुलिस पर वाहवाही लेने के चक्कर में निर्दोष को फंसाने का भी आरोप लगा था.
कानूनी जागरूकता के जरिए माईलॉड आपके इसी भय के क्रम को तोड़ने का प्रयास कर रहा है. आईए जानते है देश के आम नागरिक से जुड़े कुछ कानून के बारे में जिनकी जानकारी होना ही आपके लिए एक ताकत से कम नही हैं.
श्रद्धा हत्या का मामला अब दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है. जनहित याचिका के जरिए मामले की जांच दिल्ली पुलिस से सीबीआई को ट्रांसफर करने की गुहार लगाई गयी है.