सामाजिक कार्यकर्ता Teesta Setalvad को Supreme Court से मिली नियमित जमानत
उच्चतम न्यायालय ने गोधरा कांड के बाद हुए दंगों से जुड़े मामले में सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को नियमित जमानत दी। जानिए डिटेल में...
उच्चतम न्यायालय ने गोधरा कांड के बाद हुए दंगों से जुड़े मामले में सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को नियमित जमानत दी। जानिए डिटेल में...
सुशांत सिंह राजपूत की कथित गर्लफ्रेंड और एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती, जिन्हें एक्टर की मौत से जुड़े मादक पदार्थ मामले में जेल भी जाना पड़ा, अब जमानत पर हैं। एनसीबी ने उच्चतम न्यायालय से यह कहा है कि वो अब अभिनेत्री की जमानत को चुनौती नहीं देने वाले हैं...
तमिल नाडु के मंत्री वी सेंथिल बालाजी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल की सलाखों के पीछे हैं और उनकी जमानत याचिका पर मद्रास उच्च न्यायालय ने स्प्लिट वर्डिक्ट सुनाया था। अब तीसरे जज, न्यायाधीश सी वी कार्तिकेयन ने इस मामले में अपना फैसला सुना दिया है...
उच्च न्यायालय में अंतरिम जमानत याचिका के खारिज होने के बाद आप नेता मनीष सिसोदिया ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की थी जिसपर अब सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और ईडी से जवाब मांगे हैं...
उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने कहा कि मामले में सुनवाई जारी है। इसके बाद उन्होंने मामले को स्थगित कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आम आदमी पार्टी नेता सत्येन्द्र जैन को चिकित्सा आधार पर दी गई अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ने की अनुमति दे दी
जब कभी आपके पास पुलिस थाने से कोई फोन कॉल आता है और आपको पता चलता है कि आपके विरुद्ध एफआईआर दर्ज हुई है और आपको थाने आने के लिये कहा जाता है
एक याचिका की सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय ने टिप्पणी की है कि अग्रिम जमानत बेशक व्यक्ति के अधिकारों की सुरक्षा में भूमिका निभाती है लेकिन इसकी अनुमति हर मामले में मिले, ऐसा जरूरी नहीं है।
जब कभी आपके पास पुलिस थाने से कोई फोन कॉल आता है और आपको पता चलता है कि आपके विरुद्ध एफआईआर दर्ज हुई है और आपको थाने आने के लिये कहा जाता है तो ऐसे में आपको क्या करना चाहिए।
तमिल नाडु मंत्री वी सेंथिल बालाजी की जमानत के लिए उनकी पत्नी ने याचिका दायर की थी जिसपर हाल ही में मद्रास उच्च न्यायालय ने खंडित फैसला सुनाया था। अब इस केस में न्यायाधीश सी वी कार्तिकेयन कब सुनवाई करेंगे और इस मामले में उनका क्या कहना है, आइए जानते हैं...
मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ईडी द्वारा गिरफ्तार तमिल नाडु मंत्री वी सेंथिल बालाजी की जमानत हेतु उनकी पत्नी ने याचिका दायर की थी। मद्रास उच्च न्यायालय ने इस बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में एक 'खंडित फैसला' सुनाया है, जानें सबकुछ
सौरिन के पिता ने अपने बेटे को एक सप्ताह के अंदर कमिश्नरेट पुलिस को सौंपने के लिए महिला थाना पुलिस को भरोसा दिया था
सुधाकरन धोखाधड़ी के एक मामले में आरोपों का सामना कर रहे हैं, जिसमें जेल में बंद नकली एंटीक डीलर मोनसन मावुंकल शामिल है.
मलिक के वकील अमित देसाई ने शुक्रवार को अदालत में कहा कि उनके मुवक्किल का स्वास्थ्य पिछले आठ महीने से बिगड़ रहा है और वर्तमान में वह पुराने गुर्दा रोग के दूसरे से तीसरे चरण में हैं।
सरकार की दलील है कि तीस्ता सीतलवाड़ के साथ साथ संजीव भट्ट और आरबी श्रीकुमार को अहमद पटेल के द्वारा गुजरात के भाजपा कार्यकर्ता और तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को दंगों को दोषी ठहराने के लिए 30 लाख रूपये का भुगतान किया गया था. इतना ही सरकार के द्वारा तीस्ता शीतलवाड़ को गुजरात को बदनाम करने के लिए एक राजनेता का उपकरण करार दिया है.
एल्गार परिषद माओवादी संबंध मामले में गौतम नवलखा ने जमानात हेतु याचिका दायर की थी जिसपर अब बंबई उच्च न्यायालय ने एनआईए से जवाब मांगा है और याचिका पर सुनवाई की अगली तारीख भी तय की है.
उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम के तहत क्या करना अपराध नहीं है? एक जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश ने कही ये बात
मुंबई की एक अदालत ने धोखाधड़ी के मामले में एक 62 वर्ष के आरोपी को टेम्परेरी जमानत दी है लेकिन यह बेल तब दी गई जब इस आरोपी की मृत्यु को दो दिन हो चुके थे।
सुप्रीम कोर्ट ने ये महत्वपूर्ण फैसला उनके समक्ष आए इस मुद्दे पर बहस के बाद दिया है कि क्या 90 दिनों के भीतर CRPC के तहत चार्जशीट दाखिल नहीं करने पर दी गई जमानत को, चार्जशीट पेश करने के आधार पर रद्द किया जा सकता है.
किसी भी व्यक्ति को किसी भी अपराध के लिए दोषी साबित होने तक उसके निर्दोष होने की अवधारणा को जमानत के माध्यम से उजागर किया जाता है, जो भारतीय कानूनी प्रणाली में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसलिए अंतरिम जमानत तब दी जाती है जब अदालत निश्चित है कि ऐसा करने से आरोपी को अनुचित रूप से कैद या हिरासत में लेने से रोका जा सकेगा.
अपराध की प्रकृति के अनुसार यदि पुलिस यथास्थिति 90 दिन या 60 दिन की निर्धारित समय सीमा के भीतर न्यायालय के समक्ष आरोप पत्र/चार्जशीट दाखिल करने में असफल रहती है तो आरोपी द्वारा जमानत साधिकार मांगी जा सकती है.
धारा 438(1) के अनुसार, आरोपी द्वारा अग्रिम जमानत के लिए अर्जी केवल उच्च न्यायालय या सत्र न्यायालय के समक्ष ही दायर की जा सकती है. न्यायालय अग्रिम जमानत देते समय विभिन्न तरह की शर्तें लगाई जा सकती हैं. इस जमानत का मतलब यह होता है कि यदि पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करती है और आरोपी न्यायालय द्वारा लगाई गई शर्तों का पालन करता है तो पुलिस को उसे रिहा करना ही होगा.
भारत के संविधान का अनुच्छेद 21 सभी व्यक्तियों को जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा की गारंटी देता है। इसी मौलिक अधिकार के तहत प्रत्येक व्यक्ति को गिरफ्तार होने पर जमानत मांगने का अधिकार मिला है.
जमानती और गैर-जमानती अपराधों में मूल अंतर यही है कि जमानती अपराध में जमानत, आरोपी का अधिकार है और गैर-जमानती अपराध में जमानत अदालत के निर्णय पर निर्भर करती है.
गोधरा में ट्रेन जलाने के मामले में 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया था. ट्रायल कोर्ट ने फरवरी 2011 में फैसला सुनाते हुए 31 को लोगो को दोषी ठहराते हुए 63 को बरी कर दिया था. 31 दोषियों में से से 11 को मौत की सजा दी गई जबकि बाकी 20 को आजीवन कारावास की सजा दी गई थी. फारूक को इस मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी
ईडी ने 200 करोड़ की इस मनी लॉन्ड्रिग के मामले में जैकलीन को भी बराबर का गुनाहगार माना है ईडी के अनुसार जैकलीन को पुरी जानकारी होने के बावजूद उसने करीब 10 करोड़ के महंगे गिफ्ट हासील किए है.
सुप्रीम कोर्ट में मुकदमों की सुनवाई की नई व्यवस्था पर निर्णय लिया गया हैं. सुप्रीम कोर्ट की प्रत्येक पीठ प्रतिदिन 10 ट्रांसफर और 10 जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करेगी.