YouTuber Manish Kashyap को SC से कड़ी फटकार, कहा आप शांत प्रदेश में नही फैला सकते अशांति, फिलहाल रहना होगा जेल में
CJI डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और जेबी पारदीवाला की पीठ ने कहा कि आप एक शांत प्रदेश में इस तरह से आग नही लगा सकते.
CJI डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और जेबी पारदीवाला की पीठ ने कहा कि आप एक शांत प्रदेश में इस तरह से आग नही लगा सकते.
तमिलनाडु सरकार की ओर से अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि मनीष कश्यप ने फर्जी वीडियो बनाकर दावा किया कि तमिलनाडु में बिहार के प्रवासी मजदूरों पर हमले हो रहे हैं. सिब्बल ने कहा कि मनीष कश्यप के 60 लाख फॉलोवर्स हैं, वह एक राजनेता हैं और उसने चुनाव लड़ा है.
Manish Kashyap ने Supreme Court से सभी FIR को एक साथ क्लब करने का अनुरोध करते हुए कहा है कि लगातार उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है और उसे को तमिलनाडु ले जाया जा रहा है, जहां की भाषा उसे समझ नहीं आती.
मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ ने मंगलवार को राज्य सरकार की याचिका पर फैसला सुनाया. दोनो पक्षो की बहस के बाद 27 मार्च को पीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था.
टाटा ट्रस्ट की ओर से 2019 में शुरू की गयी आईजेआर रिपोर्ट का यह तीसरा संस्करण है. कोविड के चलते वर्ष 2021 की रिपोर्ट जारी नही की गई थी, जिसके बाद वर्ष 2022 की रिपोर्ट को तीसरे संस्करण के रूप में जारी किया गया है.
बिहार के साथ-साथ तमिलनाडु में भी उस पर कई मामले दर्ज किए गए हैं. केवल तमिलनाडु में ही मनीष कश्यप के खिलाफ करीब 13 मामले दर्ज हैं.
मामले में आगे जांच बढी तो जातिगत भेदभाव का खुलासा हुआ. जिसके अनुसार गांव में दो वॉटर टैंक हैं. इनमें से एक दलितों के लिए बना है, जिसका पानी पीकर लोग बीमार हो रहे थे. जांच करने पर पता चला कि टैंक में इतना मानव मल मिलाया गया कि पानी पीला हो चुका था.
स्वीपर-कम-सैनिटरी कर्मचारी के पेंशन लाभ को लेकर तमिलनाडु सरकार द्वारा मुकदमें को लंबा खिचने के लिए किए गए प्रयासों पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई. सरकार पर 1 लाख रूपये का जुर्माना लगाते हुए चार सप्ताह में सुप्रीम कोर्ट कर्मचारी कल्याण संघ के खाते में जमा कराने के आदेश दिए है.
मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ ने मंगलवार को राज्य सरकार की याचिका पर फैसला सुनाया. दोनो पक्षो की बहस के बाद 27 मार्च को पीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था.
टाटा ट्रस्ट की ओर से 2019 में शुरू की गयी आईजेआर रिपोर्ट का यह तीसरा संस्करण है. कोविड के चलते वर्ष 2021 की रिपोर्ट जारी नही की गई थी, जिसके बाद वर्ष 2022 की रिपोर्ट को तीसरे संस्करण के रूप में जारी किया गया है.
बिहार के साथ-साथ तमिलनाडु में भी उस पर कई मामले दर्ज किए गए हैं. केवल तमिलनाडु में ही मनीष कश्यप के खिलाफ करीब 13 मामले दर्ज हैं.
मामले में आगे जांच बढी तो जातिगत भेदभाव का खुलासा हुआ. जिसके अनुसार गांव में दो वॉटर टैंक हैं. इनमें से एक दलितों के लिए बना है, जिसका पानी पीकर लोग बीमार हो रहे थे. जांच करने पर पता चला कि टैंक में इतना मानव मल मिलाया गया कि पानी पीला हो चुका था.
स्वीपर-कम-सैनिटरी कर्मचारी के पेंशन लाभ को लेकर तमिलनाडु सरकार द्वारा मुकदमें को लंबा खिचने के लिए किए गए प्रयासों पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई. सरकार पर 1 लाख रूपये का जुर्माना लगाते हुए चार सप्ताह में सुप्रीम कोर्ट कर्मचारी कल्याण संघ के खाते में जमा कराने के आदेश दिए है.