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महिला पहलवान यौन शोषण मामला: बृजभूषण सिंह के खिलाफ आरोप तय, Delhi Court ने बढ़ाई WFI के पूर्व अध्यक्ष की मुश्किलें, नॉन बेलेबल सेक्शन भी लगे हैं

फ्रेमिंग ऑफ चार्जेस के दौरान दिल्ली कोर्ट ने बीजेपी नेता व सांसद बृज भूषण सिंह के खिलाफ 5 मामलों में आईपीसी की धारा 354 और 354डी के तहत आरोप तय किए हैं. बृज भूषण सिंह के ऊपर महिला पहलवानों का यौन शोषण करने का आरोप लगा है.

Written by Satyam Kumar |Updated : May 11, 2024 1:21 PM IST

Women Wrestlers Sexual Harassment Case: दिल्ली कोर्ट ने बीजेपी नेता व सांसद बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhusan Sharan Singh) के खिलाफ आरोप तय किए हैं. अदालत ने सुनवाई आगे बढ़ाने से पहले फ्रेमिंग ऑफ चार्जेस (Framing Of Charges) प्रक्रिया के तहत रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ आईपीसी के सेक्शन 354 और 354डी के तहत आरोप तय किए. सेक्शन 354 गैर-जमानती है जिसके चलते बृजभूषण सिंह को अदालत के सामने सरेंडर करना भी होगा.  बता दें कि बृज भूषण सिंह के खिलाफ पांच महिला पहलवानों के साथ यौन शोषण मामलों में ये आरोप तय किए गए है. कुल छह महिला पहलवानों ने बृजभूषण सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें से एक शिकायत को अदालत ने खारिज किया है.
बता दें कि बृजभूषण शरण सिंह ने राउज एवेन्यू कोर्ट से इन मामलों की फिर से जांच करवाने की मांग की थी जिसे अदालत ने खारिज किया था. उसके बाद अदालत ने सुनवाई को आगे बढ़ाते हुए आरोपों को तय किया है.

गैर-जमानती धाराओं में तय हुए अपराध

एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन जज प्रियंका राजपूत (Priyanka Rajpoot) ने महिला पहलवानों के यौन शोषण की शिकायत पर सुनवाई की.
अदालत ने कहा, 
"आरोपी संख्या एक बृजभूषण सिंह के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं जो आईपीसी के सेक्शन 354 और 354डी के तहत हुए अपराध को आकर्षित करते हैं."
अदालत ने आगे कहा कि साक्ष्यों के आधार पर आरोपी बृज भूषण सिंह दो महिला पहलवानों के साथ आईपीसी के सेक्शन 506(1) (अपराधिक धमकी) को भी आकर्षित कर रहे हैं.
अदालत ने आगे कहा,
"जहां तक ​​पीड़ित नंबर 6 का संबंध है, आरोपी नंबर 1 बृजभूषण शरण सिंह को आरोपमुक्त किया जाता है."

गैर-जमानती धारा है IPC की सेक्शन 354

बृजभूषण सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के सेक्शन 354 और 354डी के तहत आरोप तय किए गए है. सेक्शन 354, किसी महिला की लज्जा भंग करने के लिए उस स्त्री पर हमला या अपराधिक बल प्रयोग करता है, तो उक्त व्यक्ति को इसके तहत आरोपी बनाया जाएगा. यह धारा गैर-जमानती है. दोषी साबित होने पर व्यक्ति को तकरीबन एक साल से लेकर पांच साल तक की सजा हो सकती है, आर्थिक दंड भी लगाया जा सकता है.
आईपीसी के सेक्शन 354डी: महिला के इंकार करने के बावजूद व्यक्ति द्वारा महिला से संपर्क साधने का प्रयास करना, किसी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से उसकी निगरानी करना, पीछा करना आईपीसी के सेक्शन 354डी के तहत अपराध माना जाएगा. पहली बार दोषी पाए जाने पर व्यक्ति को एक से लेकर तीन साल तक जेल की सजा का प्रावधान है. वहीं, दूसरी बार दोषसिद्धि होने पर पांच साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है.

क्या है मामला?

WFI के पूर्व अध्यक्ष और बीजेपी नेता बृजभूषण सिंह के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने जून 2023 में चार्जशीट दायर की थी. छह महिला पहलवानों की शिकायत पर पुलिस ने सांसद के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 (अपमानजनक आग्रह), 354ए (कामुक टिप्पणियां), 354डी (स्टाकिंग) और 506ए (अपराधिक धमकी) के तहत मुकदमा दायर किया. इस घटना को लेकर साक्षी मलिक, विनेश फोगाट सहित अन्य रेसलर्स ने जंतर-मंतर पर धरना दिया था.

बता दें कि इस मामले में FIR दर्ज करने की मांग को लेकर महिला पहलवान सुप्रीम कोर्ट भी गई थी, जिसमें उन्होंने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया कि वे शिकायत दर्ज नहीं कर रही है. मामले में दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि शिकायत दर्ज हो चुकी है.

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POCSO के तहत भी दर्ज हुआ था मुकदमा

WFI के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण सिंह पर एक नाबालिग रेसलर ने भी यौन-उत्पीड़न का आरोप लगाया था. हालांकि बाद में उसने अपना मुकदमा वापस ले लिया था.

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