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चुनाव आयुक्तों की चयन प्रक्रिया पर रोक लगाने से Supreme Court ने किया इंकार, जानें सुनवाई के दौरान क्या-कुछ कहा

शुक्रवार 15 मार्च के दिन सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने से इंकार करते हुए चयन समिति से सीजेआई को बाहर रखने के फैसले पर जबाव की मांगा है. मामले में अगली सुनवाई 21 मार्च को होनी है.

Written by My Lord Team |Updated : March 15, 2024 4:33 PM IST

Selection of Election Commissioners: सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयुक्तों की चयन प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने से इंकार किया है. सुप्रीम कोर्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त अधिनियम, 2023 के तहत चुनाव आयुक्तों की चयन प्रक्रिया को चुनौती दी गई. बता दें कि सीईसी, 2023 के अनुसार, चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पैनल में सीजेआई को पहली बार बाहर रखा गया है. चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करनेवाली पैनल से सीजेआई को बाहर रखने के विषय पर केन्द्र से जबाव की मांग की गई है. मामले में अगली सुनवाई 21 मार्च के दिन होगी.आइये जानते हैं कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान क्या कुछ हुआ. यह केस डा जया ठाकुर एवं अन्य वर्सेस भारत संघ के बीच में है. [Dr Jaya Thakur and Ors vs Union of India and Anr]

चयन समिति से सीजेआई क्यों है बाहर?

नए नियम के अनुसार, चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को चुनौती दी गई है. मामले की सुनवाई जस्टिस संजीव खन्ना, दीपंकर दत्ता और जार्ज मसीह की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की.बेंच ने कहा हम संसद द्वारा बने कानूनों पर रोक नहीं लगाते हैं. फिर भी, केन्द्र को सीजेआई को चयन समिति से बाहर रखने के विषय पर जबाव देना होगा. 

बेंच ने कहा, 

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 “हम अंतरिम आदेशों के माध्यम से कानूनों पर रोक नहीं लगाते हैं. हाँ, यह कुछ ऐसा है जिसका उन्हें उत्तर देना होगा.”

बेंच ने तीन सदस्यीय पैनल निष्पक्षता पर विचार कर कहा. अगर वे सीजेआई की जगह किसी स्वतंत्र व्यक्ति को लाते तो बात समझ आती, लेकिन वे सीजेआई की जगह एक कैबिनेट मंत्री को लेकर आए है.

बेंच ने आगे कहा, 

“अगर वे सीजेआई जैसे स्वतंत्र और विश्वसनीय अधिकारी को लाते हैं तो बेहतर होता. लेकिन यहां यह एक कैबिनेट मंत्री है.”

चुनौती देने का आधार!

याचिकाकर्ता ने कहा है कि चुनाव आयुक्त के चयन के लिए बनी समिति में सीजेआई को बाहर रखना सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का उल्लंघन है. सुप्रीम कोर्ट ने अनूप बरनवाल वर्सेस भारत संघ एवं अन्य में फैसला दिया है कि चुनाव आयुक्त की नियुक्ति में सीजेआई को शामिल करना आवश्यक है.

CEC Act, 2023 में क्या है?

सुप्रीम कोर्ट ने दो बार चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के लिए बने नए कानून पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यालय की अवधि) अधिनियम, 2023 ( CEC Act) प्रधानमंत्री (पीएम), एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री और लोकसभा में विपक्ष के नेता को मिलाकर एक चयन समिति बनाने की अनुमति देता है, जो सीईसी (CEC) और चुनाव आयुक्तों के पदों के लिए नाम का सुझाव देते हैं.

क्या है मामला?

याचिकाकर्ताओं ने चुनाव आयोग के सदस्यों की नियुक्ति के पैनल से सीजेआई को हटाने वाले कानून को चुनौती दी गई हैं. सर्वोच्च न्यायालय में मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यालय की अवधि) अधिनियम, 2023 (सीईसी अधिनियम) की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई लंबित है. इन याचिकाओं में सीजेआई को नियुक्त करने वाली पैनल से बाहर रखने के फैसले को चुनौती दी गई है.

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