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केरल CM पिनाराई विजयन की बेटी के खिलाफ ED ने दर्ज किया मुकदमा, कंपनी में ‘अवैध भुगतान’ से जुड़ा है मामला

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है. मामला केरल के सीएम पिनाराई विजयन की बेटी वीणा विजयन की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशन्स से जुड़ा है, जिसे कोच्चि बेस्ड एक प्राइवेट खनिज कंपनी ने ‘अवैध भुगतान’ किया है

Written by My Lord Team |Published : April 1, 2024 11:03 AM IST

Money Laundering Case: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है. मामला केरल के सीएम पिनाराई विजयन की बेटी वीणा विजयन की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशन्स से जुड़ा है, जिसे कोच्चि बेस्ड एक प्राइवेट खनिज कंपनी ने ‘अवैध भुगतान’ किया है. इसे लेकर ED ने 27 मार्च, 2024 को वीणा विजयन, उनकी कंपनी और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत केस दर्ज किया है. 

CM की बेटी के खिलाफ क्या मामला है?

वीणा विजयन की बेंगलुरू बेस्ड ‘एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस’ नामक IT कंपनी है. इस कंपनी को कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) ने करीब 1.72 करोड़ दिए. कंपनी को ये रूपये साल 2017 से तीन वर्षों में मिले. आयकर अंतरिम निपटान बोर्ड ने मामले को उठाते हुए कहा कि सीएमआरएल ने एक्सालॉजिक कंपनी के साथ कोई व्यापार किए बिना ही ये पैसे दिए हैं. इसलिए इसे अवैध भुगतान कहा गया है. 

कंपनी एक्ट के तहत पहले हुई कार्रवाई

साल 2021 में,  रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीस (आरओसी) बैंगलोर ने एक्सालॉजिक कंपनी और सीएमआरएल के बीच लेन-देन में कंपनी अधिनियम की धारा 206(4) के अंतर्गत कार्रवाई करने की बात कही गई. मामले ने तुल पकड़ा, तो सीरियस फ्राड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) के तहत कार्रवाई की मांग शुरू हुआ. 

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SFIO कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के अंडर में आता है. केन्द्र सरकार ने 31 जनवरी, 2024 को SFIO जांच के आदेश दिए है.  बीते दिनों कर्नाटक हाईकोर्ट में एक्सालॉजिक सॉल्यूशन ने इस जांच को चुनौती दी, जिसे उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया. 

SFIO जांच के खिलाफ KSIDC  

KSIDC यानि केरल स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने SFIO जांच के खिलाफ केरल हाईकोर्ट में याचिका दायर की.  KSIDC, केरल सरकार की औद्योगिक और इन्वेस्टमेंट प्रमोशन एजेंशी है. और CMRL कंपनी में अपनी हिस्सेदारी रखती है. वहीं, केरल हाईकोर्ट ने भी KSIDC की याचिका खारिज कर दी है, जिसमें SFIO जांच पर रोक लगाने की मांग की थी.

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